गौ-पूजन विधि
गाय के पैरों पर जल चढायें, तिलक करके फूल-माला पहनाकरफिर आरती करें तथा अर्चन पूजन करके गौ-ग्रास अर्पण करें। उसके बाद गाय की प्रदक्षिणा करें ।
कैसे करें गौ-रक्षा अभियान को कार्यरत?
गौ-रक्षा रैली (गोपष्टमी विशेष) :- केवल गाय ही एकमात्र ऐसा प्राणी है जिसे भारत में माता का उच्च स्थान दिया गया है । मगर आज दुर्भाग्य का विषय है कि समाज के लोग गाय द्वारा प्रदत्त अमूल्य स्वास्थ्य-समृद्धि के खजाने को भूलते जा रहे हैं । फलस्वरूप भारत में अनेकों कत्लखाने खुल गये हैं । इस कुपरंपरा को समाप्त करने के लिए गोपष्टमी के दिन गौरक्षा हेतु रैली का आयोजन करें तथा क्षेत्र के मुख्य अधिकारियों को ज्ञापन दें ।
कैसी करें रैली की पूर्व तैयारी :-
(१) रैली हेतु ऐसे मार्ग का चयन करें जहाँ ज्यादा-से-ज्यादा लोग गौ-महिमा से अवगत हों ।
(२) १०-१५ दिन पहले ही रैली स्वीकृति पत्र भरकर स्वीकृति लेने जायें ।
(३) फ्लैक्स व पोस्टरस् पहले ही तैयार करवा लें ।(फ्लेक्स व पोस्टर्स संलग्न है )
(४) सभी भाई-बहनों को रैली के समय तथा स्थान की पूर्व सूचना दे दें ।
(५) अन्य सामाजिक संघटनों के मुख्य पदाधिकारियों को भी इस रैली में शामिल होने हेतु आमंत्रण दें.
(६) पैम्फलैट अधिकाधिक छपवाकर वितरित करें ताकि अधिकाधिक लोगों को गौ-महिमा का पता चले और उनके द्वारा गौमाता की रक्षा हो । 
रैली के समय ध्यान देने योग्य बातें :-
(१) सभीको निर्धारित समय पर स्थल पर पहुँचने के लिए कहें ।
(२) रैली में व्यवस्था और अनुशासन का विशेष ध्यान रखा जाय ।
(३) थोडे-थोडे अंतराल के बाद हाथ में स्लोगन की तख्तियाँ हों ।
(४) रैली में असमाजिक तत्त्व न घुसें इसके लिए ध्यान रखें ।
(५) रैली समाप्ति के बाद कलेक्टर को गौ-रक्षा हेतु ज्ञापन देने जायें ।
(६) रैली होने से पहले और बाद की प्रेसनोट व व्यवस्थित तस्वीरें अखबारों में छपवायें और फेसबुक पर भी डालें ।
(७) कार्यक्रम सम्पन्न होने के १-२ दिन में तुरंत हि कार्यक्रम की कुछ खास-खास व्यवस्थित तस्वीरें और सम्पूर्ण कार्यक्रम की रिपोर्ट जैसे -दिनांक, स्थान, लोगों की उपस्थिति, कार्यक्रम की विशेषता, खास अतिथि का नाम, उनका पद और वक्तव्य, पेपर कटिंग, आदि लिखकर ई-मेल द्वारा अवश्य भेजें । email id gomathaji@gmail.com
गौ-सेवा और गौ-रक्षा यह हर हिन्दुस्तानी, देशप्रेमी, संस्कृति प्रेमी, मानवताप्रेमी और गुरुप्रेमी का कर्तव्य है !
गौ-सुरक्षा में हमारा अन्य योगदान :-
(१) रोज गाय के लिए गौ-ग्रास निकालना, गाय को हरी घास खिलायें । (२) गाय के दूध, घी तथा गौ निर्मित धूप, अगरबत्ती की माँग करें । (३) चमडे से बनी चीजों का उपयोग न करें । (४) गाय के लिए विशेष गौ-गुल्लक बनायें, जिसमें स्वयं या बच्चों के हाथों से गाय की सेवा-सुरक्षा के लिए रोज कुछ-न-कुछ धन अलग करवायें तथा बच्चे के जन्मदिन अथवा किसी पर्व-उत्सव आदि पर किसी गौशाला में दान करें । इससे आपके बच्चों को गौ-सेवा और दान करने का महापुण्य तो अर्जित होगा ही साथ ही गाय की सेवा-सुरक्षा भी हो जायेगी ।
आप सभी को गोक्रांति मंच की और से गोपास्टमी की हार्दिक शुभकामनाये ।
निवेदक आपका मित्र
गोवत्स राधेश्याम रावोरिया
WWW.gokranti.com

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