गावो विश्वस्ये मातर: भाग:2

— गावो विश्वस्य मातरः भाग 2– वही से दूध आ रहा है तब यह शंका हो सकती है जब मूल में स्टॉक दूध का क्षीरसागर में है और वही से परमात्मा की अचिन्त्य शक्ति से सभी माताओं में दूध आ रहा है चाहे वो नारिया हो चाहे वो बकरी हो भेड़ हो भैस हो.तो सब दूध गाय का ही हुआ. फिर ये क्यों कहा जाता है की भारतीय देसी गाय का ही दूध पीना चाहिए. ..इसका समाधान है पात्र के भेद से वस्तु का भेद हो जाता है .वस्तु वही है पर अशुद्ध पात्र में रख दी जाए तो भेद हो जायेगा. जैसे खटाई वाले बर्तन में दूध धरो तो… Read More

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गावो विश्वस्य मातर: भाग -1

— गावो विश्वस्य मातरः भाग 1– नित्य गोलोकधाम में एक समय की बात है भगवान श्याम सुन्दर नित्य गोलोक में रास विलास (नृत्य ) कर रहे थे ,नृत्य करते करते ठाकुर जी थोडा श्रमित हो गए और जब ठाकुर जी श्री जी थोडा श्रमित हो गए तो सुन्दर कल्पवृक्ष के नीचे बैठ कर  ठाकुर जी विश्राम करने लगे,असंख्य गोपियाँ  ठाकुर जी को घेरे हुए है उस समय  ठाकुर जी को इक्षा हुई दुग्ध पान की तो उस समय श्री  ठाकुर जी ने बड़े प्रेम से राधा रानी की ओर देखा और राधा रानी ने  ठाकुर जी को देखा दोनों युगल एक दुसरे को प्रेम से निहारने लगे और इस अवलोकन… Read More

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वेदों में गो वध और गो मांस का निषेध

वेदों में गो वध और गो मांस का निषेध —————————— वेदों  में पशुओं की हत्या का  विरोध तो है ही बल्कि गौ- हत्या पर तो तीव्र आपत्ति करते हुए उसे निषिद्ध माना गया है । यजुर्वेद में गाय को जीवनदायी पोषण दाता मानते हुए गौ हत्या को वर्जित किया गया है  – ‘घृतं दुहानामदितिं जनायाग्ने  मा हिंसी:’ –यजुर्वेद १३।४९ सदा ही रक्षा के पात्र गाय और बैल को मत मार । ‘आरे  गोहा नृहा  वधो  वो  अस्तु’ –ऋग्वेद  ७ ।५६।१७ ऋग्वेद गौ- हत्या को जघन्य अपराध घोषित करते हुए मनुष्य हत्या के तुल्य मानता है और ऐसा महापाप करने वाले के लिये दण्ड का विधान करता है – ‘सूयवसाद  भगवती… Read More

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महाभारत ,गाय और राजा रन्तिदेव :एक और इस्लामिक कम्युनिस्ट कुटिलता

महाभारत ,गाय और राजा रन्तिदेव :एक और इस्लामिक कम्युनिस्ट कुटिलता धर्म हमारे महान भारत देश का प्राणभूत तत्व रहा है और इसीलिए भारत के शत्रुओं ने बार बार हिन्दू धर्म पर प्रहार किया है और इसी कड़ी कुछ लोग यह हास्यास्पद बात कह रहे हैं की भारत में पुराने समय में गौ-मांस खाया जाता था और वो महाभारत के राजा रान्तिदेव को गौ हत्या करने वाला सिद्ध करने का मुर्खतापूर्ण परन्तु कुटिल प्रयत्न करते हैं |सबसे पहले तो देखे की महाभारत की रचना किसने की और इसे किसने लिखा था |महाभारत के श्लोक वेदव्यास रचित हैं और उन्हें श्री गणेश ने स्वयं लिपिबद्ध किया है | लेखन कार्य प्रारंभ होने… Read More

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गौ माता – क्यों हिंदू मानते हैं गाय को माता

गौ माता – क्यों हिंदू मानते हैं गाय को माता गाय हिंदू समुदाय में माता का दर्जा दिया जाता है, उसकी पूजा की जाती है। ग्रामीण इलाकों में तो आज भी हर रोज खाना बनाते समय पहली रोटी गाय के नाम की बनती है। प्राचीन समय से ही अन्य पालतु पशुओं की तुलना में गाय को अधिक महत्व दिया जाता है। हालांकि वर्तमान में परिदृश्य बदला है और गौ धन को पालने का चलन कम हो गया है, लेकिन गाय के धार्मिक महत्व में किसी तरह की कोई कमी नहीं आयी है बल्कि पिछले कुछ समय से तो गाय को राष्ट्रीय पशु बनाने तक मांग उठने लगी है। गौहत्या को… Read More

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वृषभध्वज भगवान शिव जी

महाभारत अनुशासन पर्व में वृषभ ध्वज की कथा है ।एक समय सुरभि अपने बछड़े को दूध पिला रही थी । उनके स्तनों में मानो दूध का झरना फूट पड़ा, उससे बछड़े के मुंह में दूध का झाग कैलाश पर बैठे शिव जी के मस्तक पर गिरा।  शिवजी ने  ललाटस्थ तीसरा नेत्र खोला। उस रुद्र तेज से गायों का अनेक वरण वर्ण हो गया । तब प्रजापति ने शिवजी को समझाया कि गौ माता का दूध झूठा नहीं होता, जैसे अमृत झूठा नहीं होता है । पुनः उन्हें कुछ गाये तथा एक वृषभ दिया । श्री शिव जी ने वृषभ को अपना वाहन बना लिया तथा वृषभ को अपनी ध्वजा पर… Read More

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