”प्रिये गौ माता प्रिये गोपाल”
संत भूरिया बाबा गौशाला, मीराबाई कि पावन जन्म स्थली राजस्थान कि पावन धरती मेड़ता शहर से ४० किलोमीटर दूर गाव हरसोलाव में स्तिथ है। गौवंश पर अत्याचार रोकने और गौ रक्षा हेतु इस पावन गौशाला का निर्माण अनेक कर्मनिष्ठ ग्रामवासी और सैकड़ो सेवाव्रती कार्यकर्ताओ के विचार ,परामर्श और सहयोग एवं गौ माता कि अहेतु कि कृपा से सन २००७ में  सम्भव हो पाया।
गौशाला के पास इस समय २५० बीगा जमीन है जिसमे लगभग ७०० के करीब  गौवंश के रख-रखाव कि सुन्दर चारे,पानी और धुप से बचाव के लिए शेड कि व्यस्था कि गयी है। गौ माता गौशाला में खुली विचरण करती है जैसा कि गौ माता को पसंद है उनको बाँध कर नहीं रखा जाता। यहाँ पर गौमाता को बहुत ही प्यार,दुलार के साथ रखा जाता है और उनकी सेवा जगत माता मान कर कि जाती है। 
इसके अतिरिक्त, गौशाला का गौमाता के बचाव कार्यो में भी विशेष सहयोग रहा है, कत्लखानो में ले जा रही भूखी-प्यासी गऊ माता को बूचड़खानों से छुड़ाने में गौशाला हमेशा तत्पर एवं अगर्सर रहता है।
गौशाला का केवल एक ही नारा है -गौ सेवा ,गौ रक्षा अवं गौ संवर्धन। 
”प्रिये गौ माता प्रिये गोपाल”

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