अंतर देशी गाय यानी कि भारतीय गाय यानी कि गोमाता गोमाता और विदेशी गाय में


1. गोमाता का दूध दिमाग को तेज व् कुशाग्र करने वाला होता है। यह सर्वोतम, शक्तिशाली, विषाणु रोधक, सुपाच्य व् पोष्टिक होता है। इसे A-2 (milk) दूध कहते हैं। ………… गोमाता है जहाँ तंदरुस्ती है वहां 


दूसरी तरफ विदेशी गाय का दूध मोटापा बड़ाता है, पीने वाले का दिमाग मोटा होता है। इससे ब्लड प्रेशर शुगर व् कैंसर जैसी बीमारीयों का खतरा बढ़ता है। इसे A-1 (milk) दूध कहते हैं।


2. गोमाता की चमड़ी विषाणुरहित होती है। शरीर पर हाथ फेरने वाले का स्वास्थ्य सुधरता है।
………… गोमाता है जहाँ तंदरुस्ती है वहां 


दूसरी तरफ विदेशी गाय के शरीर पर पिस्सू, जुएँ, चीचड़ हमला करते हैं। स्पर्श करने पर चर्म रोग हो जाता है।


3. गोमाता केवल पालन करने वाले को दूध देती है, किसी अनजान को नहीं। गोमाता का बछड़ा हजारों गायों में अपनी माँ को पहचान लेता है। ………… गोमाता है जहाँ तंदरुस्ती है वहां 


दूसरी तरफ विदेशी गाय को प्रलोभन देकर या हिंसक तरीके से दुहा जाता ही। इसक बच्चा अपनी माँ की पहचान नहीं कर पाता।


4. गोमाता का घी कोलेस्ट्रोल कम करने वाला, दिमाग बढ़ाने वाला, विषाणु रोधक होता है। ………… गोमाता है जहाँ तंदरुस्ती है वहां 


दूसरी तरफ विदेशी गाय का दूध कोलेस्ट्रोल व् चर्बी बढ़ाता है। इसमें औष्धिये गुण नहीं होते।


5. गोमाता की लस्सी शरीर को ठंडक देने वाली, यकृत, आंतडियों को साफ़ करने वाली, दिमाग को बल देने वाली होती है। इससे शरीर में चंचलता आती है। ………… गोमाता है जहाँ तंदरुस्ती है वहां 


दूसरी तरफ विदेशी गाये के दूध की लस्सी में ऐसा कोई गुण नहीं होता बल्कि भैंस की तरफ आलस बड़ाने वाली, शरीर को मोटा करने वली होती है। शरीर निढाल होता है।


देशी गाय यानी कि भारतीय गाय यानी कि गोमाता 


गोमाता है जहाँ तंदरुस्ती है वहां ………… गोमाता है जहाँ तंदरुस्ती है वहां …………… गोमाता है जहाँ तंदरुस्ती है वहां 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *