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आरती श्री गौ मैया की !!
आरती
श्री गौ मैया की, आरती
हरन विश्व धैया की।
अर्थकाम, सद्धर्म प्रदायिनी, अविचल, अमल, मुक्ति-पद दायिनी।।
सुरमानव
सौभाग्य विधायिनी,  प्यारी पूज्य नन्द छैया की । । टेक । ।
अखिल
विश्व प्रतिपालिनी माता,  मधुर अमिय दुग्धान्न प्रदाता ।
रोग
– शोक संकट परित्राता ,  भव सागर-हित दृढ़ नैया की ।। २ ।।
आयु
ओज आरोग्य विकासिनी,  दु:ख दैन्य दारिद्रय विनाशिनि।
सुषमा
सौख्य समृद्धि प्रकाशीनी । विमल विवेक बुद्धि दैया की ।। ३ ।।
सेवक
हो चाहे दु:खदाई,  सम पय-सुधा पियावति माता।

शत्रु-
मित्र सबको सुखदाई, स्नेह
स्वभाव विश्व जैया की ।। ४ ।।

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