जैविक कीटनियंत्रक

घटक द्रव्य (Ingredients)
  1. देशी गाय का गोमूत्र 10 लीटर
  2. नीम के पत्ते 2.5 किलो ग्राम
निर्माण विधि (Preparation)
2.5 किलो नीम की ताज़ी हरी पत्तियों को कूटकर 10 लीटर देशी गाय के गोमूत्र में एक मिट्टी के मटके के अंदर मिलाएं| पत्तियों को गोमूत्र में डुबो दें| तत्पश्चात वह मटका ढककर जमीन में गड्ढा बनाकर गाड़ दें| 21 दिनों के बाद पत्तियों को बाहर निकालें तथा गोमूत्र को ताम्बे के बर्तन में डालें| इसे एक चौथाई शेष रहने तक उबालें तत्पश्चात आंच से हटाकर ठंडा होने तक छान कर निर्धारित मात्रा में पैक करें|
उपयोग (Usage)
1 लीटर कीटनियंत्रक 100 लीटर पानी में मिलाकर फसल पर छिड़कें| ज्यादा से ज्यादा 5 लीटर कीटनियंत्रक 100 लीटर पानी में मिलाकर उपयोग किया जा सकता है| छिड़काव महीने में दो बार या आवश्यकतानुसार कर सकते हैं|
गुणधर्म (Properties)
फसल रक्षक, फंफूदनाशक, रोगप्रतिकार शक्तिवर्धक, विषाणु नाशक, वनस्पति पोषक, सृष्टि मित्र, मनुष्य के लिए सुरक्षित
लाभ (Benefits)
यह कीटनियंत्रक सभी फसलों पर गुणकारी है| हरी सब्जियों, फल, फूलों के पौधे इत्यादि पर यह उपयोगी है| पौधों की जड़ों में भी इसका छिड़काव होना चाहिए| इससे रोगप्रतिकार शक्ति विकसित होती है तथा फसल निर्बाधित रूप से बढ़ती है|
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पंचगव्य के उत्पादों का अधिकाधिक उपयोग कर गौवंश को अर्थव्यवस्था का अभिन्न अंग बनायें! 

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