॥ श्री गोमाता भजन ॥
गौ सेवा में थोङा लगा ले प्राणी ध्यान रे॥
झूठी जग की माया प्रभु का ही सच्चा नाम।
गौ माता की सेवा ही सबसे बढ़कर काम है।
गौ माता की सेवा से खुश होते भगवान रे॥
गौ सेवा में थोङा लगा ले प्राणी ध्यान रे….
मोटर बग्घी बंगला न साथ तेरे जा पाएँगे।
सखा भ्रात सुत नाती इस धन को व्यर्थ गवाएंगे।
इस दौलत को प्यारे तूँ क्यों करता बेकार रे॥
गौ सेवा में थोङा लगा ले प्राणी ध्यान रे….
न साथ में कुछ तूँ लाया, न साथ में कुछ ले जायेगा।
मुट्ठी बांधे आया है ओर हाथ पसारे जायेगा।
पूंछ पकङकर गौ की कर वैतरणी पार रे॥
गौ सेवा में थोङा लगा ले प्राणी ध्यान रे….
जनम मनुष्य का पाया, नेक काम कोई तूं कर ले।
कहता है ये गौ प्रेमी, तू नेह गऊ से कर ले।
गौ माता की सेवा से भरते हैं भण्डार रे॥
गौ सेवा में थोङा लगा ले प्राणी ध्यान रे….

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *