@@@पैकेजिंग दूध की सच्चाई@@@

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##पैकेजिंग दूध की सच्चाई##
आज हम सब लोग सुबह उठते ही चाय की चुस्की लगाते है। हमने पैकेजिंग दूध की सच्चाई अपने दूध के बारे में नहीं सोचा। १ बार अपनी दूध की थैली भी देख लीजिए। आज हम में से ज्यादातर लोग अमूल गोल्ड या फिर उसके समकक्ष कोई और दूध पिते होगे।
ये दूध खून में कोलेस्ट्रोल की मात्रा बढाता है जिससे हमारे शरीर में हृदय सम्बंधित बीमारी बढती है। कम आयु में भी हार्ट एटेक होना आज कल हम देख ही रहे है ना। कही ये हमारी लापरवाही का परिणाम तो नहीं है ना? चलो अब जानते है कैसे ये दूध आपके स्वास्थ्य के लिए चुनौती बन रहा है।
जरा ध्यान से अपनी दूध की थैली देखना। उसके ऊपर कुछ इस तरह लिखा मिलेगा।
Fat 6.0 % minimum
SNF 9.0 % minimum
500 ml का 9% के हिसाब से १ थैली में SNF की मात्रा 45 gm होगी। चलो अब जानते है ये SNF किस बला का नाम है।
SNF मतलब Saturated natural fat. हमारे शरीर में कई तरह की चर्बी या फेट पायी जाती है जिसमे से कोई शरीर के लिए लाभदायी है तो कोई शरीर के लिए नुकसानदेह। ये SNF हमारे शरीर को बहोत नुकसान पहुचाता है। American Heart Association की गाईडलाइन के अनुसार स्वस्थ रहने के लिए हमारे आहार में SNF की दैनिक मात्रा १६ ग्राम से ज्यादा नहीं होनी चाहिए। इससे ज्यादा मात्रा में SNF का सेवन करने से कोलेस्ट्रोल की मात्रा बढती है और ब्लडप्रेशर डायाबिटीस जैसी भयानक बीमारियाँ भी होती है। यही बात WHO ने भी अपनी रिपोर्ट में बताई है। इस बात की पुष्टि के लिए आप निचे दी गई लिंक देख सकते है।
http://www.heart.org/HEARTORG/Conditions/Cholesterol/PreventionTreatmentofHighCholesterol/Know-Your-Fats_UCM_305628_Article.jsp#mainContent
आज पूरी दुनियाभर में कम SNF वाले आहार के लिए जागरूकता बढती जा रही है और हम सब लोग अँधेरे में जी रहे है। ज्यादा SNF वाला दूध ज्यादा पैसा देकर खरीद रहे है और बीमारी को पैसो से आमंत्रित कर रहे है। इसके उपरांत पैकेजिंग वाले दूध में जर्सी, भैंस, बकरी, भेड़ सभी का दूध मिलके हमारे पास पहूचता है। कभी ज्यादा गाढ़ा दिखाने के लिए उसमे विदेशी नस्ल के प्राणी के  दूध का पाउदर भी मिलाके उसे और खतरनाक बना देते है। कभी यूरिया भी डाल तो भी हमे कहा पता चलेगा। क्या यही हमारी अक्लमंदी है की हम ज्यादा पैसा खर्च करके हार्ट एटेक जैसी बीमारी को बुलाये और फिर उसको ठीक करने के लिए और तगड़े पैसे खर्च करके हार्ट की सर्जरी करवाए? क्या इससे अच्छा ये नहीं होगा की हम पहेले से ही पैसा हमारी गायमाता के दूध के पीछे खर्च करे और हमारे स्वास्थ्य को तरोताजा रखे?
आज ना जाने कहा से गोल्ड के नाम पे ज्यादा पैसा खर्च करके हम ज्यादा महँगा दूध पिने की बात गर्व से करते है लेकिन गोल्ड सही माइने में हमे बहुत महँगा पड सकता है। अगर “गोल्ड” ही खाना हे तो गौमाता का दूध पिए। इसमें खरा सोना है जिसकी वजह से तो गायमाता का दूध हल्का पिला रहता है। वैज्ञानिको ने संशोधन में ये बात सिद्ध की है की हमारी गायमाता के दूध में molecule of auram यानी की सुवर्णक्षार पाया जाता है जो की खरा सोना है। अगर हमारे बच्चों की बुद्धिशक्ति बढ़ानी है तो हमें बूस्ट बोर्नविटा हॉर्लिक्स छोडके गाय का दूध पिलाना शुरू करना पड़ेगा। गायमाता का दूध के तो अनगिनत फायदे है जो हम   समय समय पर देखते रहेंगे।
आओ हम सब मिलके इस बात को लोगो तक पहुचाये। स्वस्थ बुद्धिसंपन्न समाज के निर्माण की शुरुआत हमे अपने आप से ही करनी होगी। चलो हम सब निर्धार करे के हमारे भोजन में से पैकेजिंग दूध को छोडकर गायमाता हा दूध ही इस्तेमाल करे। दूध की जरूरत पड़ेगी तो गायमाता की भी जरुरत पड़ेगी और कतलखाने जाती हुई हमारी माँ बचेगी और दूध के रूप में हम सबके घर पहुचेगी।
।। जय गौमाता ।।
निवेदक गोवत्स राधेश्याम रावोरिया
WWW.gokranti.com

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