गीर” गाय

    भारत में सनातन काल से पायी जाने वाली “गीर” गाय जो 65 लीटर दूध देने का रिकार्ड बना चुकी है, जो देशी नस्ल की टिकाऊ और बीमार न होने वाली गाय है । उसी को यदि ब्रीडिंग किया गया होता तो आज भारत में हर तरफ दुधारू गायों का तांता लग गया होता । गीर गाय शारीर से भारी होने के साथ साथ हर मामले में भैंस को मात देती है । यह भैंस से कम खाती है लेकिन दूध भैंस से ज्यादा और गाढा होता है । भैंस बदबू मारती है लेकिन गाय से जगह शुद्ध होती है । गीर गाय देशी होने के कारण इसका दूध दवा है । यह गाय गोबर और गो-मूत्र भरपूर मात्रा में देती है । शुद्ध गीर गाय भारत में सिर्फ 5000 की संख्या में ही बची है ।
एक साजिश के तहत विदेशियों ने भारत में जर्सी गाय (एक प्रकार का सूअर) देकर भारत की निरोगित देशी गायो को कटवाकर सब मांस यूरोप में सप्लाई करवा लिया और यह अभी तक जारी है । गीर गायों का व्यापक ब्रीडिंग होने से लोग भैंस पालना कम कर देंगे । गीर गाएं भरी मात्रा में विदेशों को बेचीं गयी, खासकर ब्राजील में । इस पर रोक लगाकर भारत के हर गाँव में गीर गाय की नस्ल पहुचाई जाये और यह काम सरकार ही कर सकती है ।

join us www.gokranti.com

गोवत्स राधेश्याम रावोरिया 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *