गावो विश्वस्ये मातर: भाग:2

Posted on Leave a commentPosted in Uncategorized

— गावो विश्वस्य मातरः भाग 2– वही से दूध आ रहा है तब यह शंका हो सकती है जब मूल में स्टॉक दूध का क्षीरसागर में है और वही से परमात्मा की अचिन्त्य शक्ति से सभी माताओं में दूध आ रहा है चाहे वो नारिया हो चाहे वो बकरी हो भेड़ हो भैस हो.तो सब […]

गावो विश्वस्य मातर: भाग -1

Posted on Leave a commentPosted in Uncategorized

— गावो विश्वस्य मातरः भाग 1– नित्य गोलोकधाम में एक समय की बात है भगवान श्याम सुन्दर नित्य गोलोक में रास विलास (नृत्य ) कर रहे थे ,नृत्य करते करते ठाकुर जी थोडा श्रमित हो गए और जब ठाकुर जी श्री जी थोडा श्रमित हो गए तो सुन्दर कल्पवृक्ष के नीचे बैठ कर  ठाकुर जी […]

वेदों में गो वध और गो मांस का निषेध

Posted on Leave a commentPosted in Uncategorized

वेदों में गो वध और गो मांस का निषेध —————————— वेदों  में पशुओं की हत्या का  विरोध तो है ही बल्कि गौ- हत्या पर तो तीव्र आपत्ति करते हुए उसे निषिद्ध माना गया है । यजुर्वेद में गाय को जीवनदायी पोषण दाता मानते हुए गौ हत्या को वर्जित किया गया है  – ‘घृतं दुहानामदितिं जनायाग्ने […]

महाभारत ,गाय और राजा रन्तिदेव :एक और इस्लामिक कम्युनिस्ट कुटिलता

Posted on Leave a commentPosted in Uncategorized

महाभारत ,गाय और राजा रन्तिदेव :एक और इस्लामिक कम्युनिस्ट कुटिलता धर्म हमारे महान भारत देश का प्राणभूत तत्व रहा है और इसीलिए भारत के शत्रुओं ने बार बार हिन्दू धर्म पर प्रहार किया है और इसी कड़ी कुछ लोग यह हास्यास्पद बात कह रहे हैं की भारत में पुराने समय में गौ-मांस खाया जाता था […]

गौ माता – क्यों हिंदू मानते हैं गाय को माता

Posted on Leave a commentPosted in Uncategorized

गौ माता – क्यों हिंदू मानते हैं गाय को माता गाय हिंदू समुदाय में माता का दर्जा दिया जाता है, उसकी पूजा की जाती है। ग्रामीण इलाकों में तो आज भी हर रोज खाना बनाते समय पहली रोटी गाय के नाम की बनती है। प्राचीन समय से ही अन्य पालतु पशुओं की तुलना में गाय […]

वृषभध्वज भगवान शिव जी

Posted on Leave a commentPosted in Uncategorized

महाभारत अनुशासन पर्व में वृषभ ध्वज की कथा है ।एक समय सुरभि अपने बछड़े को दूध पिला रही थी । उनके स्तनों में मानो दूध का झरना फूट पड़ा, उससे बछड़े के मुंह में दूध का झाग कैलाश पर बैठे शिव जी के मस्तक पर गिरा।  शिवजी ने  ललाटस्थ तीसरा नेत्र खोला। उस रुद्र तेज […]

गोमुत्र

Posted on Leave a commentPosted in Uncategorized

गाय के गोबर में लक्ष्मी और मूत्र में गंगा का वास होता है, जबकि आयुर्वेद में गौमूत्र के ढेरों प्रयोग कहे गए हैं। गौमूत्र का रासायनिक विश्लेषण करने पर वैज्ञानिकों ने पाया, कि इसमें 24 ऐसे तत्व हैं जो शरीर के विभिन्न रोगों को ठीक करने की क्षमता रखते हैं। आयुर्वेद के अनुसार गौमूत्र का […]