गो वंश की पहचान और पंचगव्य चिकित्सा के कुछ प्रयोग

विदेशी विषाक्त गोवंश गो वंश की पहचान और पंचगव्य चिकित्सा के कुछ प्रयोगविदेशी विषाक्त गोवंशस्वदेशी और विदेशी गोवंश को लेकर कुछ विचारणीय पक्ष हैं. अनेक शोधों से सिद्ध हो चुका है कि अधिकांश विदेशी गोवंश विषाक्त प्रोटीन ”बीटा कैसीन ए१” वाला है जो हानिकारक ओपीएट ’बीसीएम७ ’ का निर्माण पाचन के समय करता है और अनेक ह्रदय रोगों के इलावा मधुमेह, ऑटिज्म व बहुत से मानसिक रोगों का कारण है. होलीस्टीन , फ्रीजियन, रेडडैनिश आदि सभी गौएँ इसी घातक प्रोटीन वाली हैं. दावा किया जाता है कि जर्सी की ७०% ए१ तथा ३०% ए२ प्रोटीन वाली हैं. कौनसी गौएँ किस प्रोटीन वाली हैं, , यह जानने के लिए कोई तंत्र… Read More

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↢ गाय और भैंस में अंतर के 10 गुण ↣

↢ गाय और भैंस में अंतर के 10 गुण ↣ ⇋गाय⇋                                         ⇔भैंस⇔ 1- आर्य संस्कृति की पोषक है। ⇕मलेच्छ संस्कृति की पोषक है।  2- दूध स्मरण शक्ति वाला होता है। ⇕दूध स्मरण शक्ति को मंद करता है।  3- दूध स्फूर्ति प्रदान करता है। ⇕दूध आलस्य प्रदान करता है।  4- दूध में विटामिन A होने से यह नेत्र ज्योतिवर्धक है। ⇕दूध में विटामिन A ना होने से नेत्रज्योतिवर्धक नहीं है। 5- दूध में रोग प्रतिरोधक गुण हैं। ⇕दूध में रोग प्रतिरोधक गुण नहीं हैं। 6- दूध रक्तचाप,शुगर आदि को नष्ट करता… Read More

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गाय जैसा ज़हरीला विदेशी प्राणी

भारत मे कई लोग जर्सी को गाय या दुधारू पशु समझ कर अपने घर मे ले आए है लाभ लोलूप हो कर वे इस जानवर को तो ले आए है लेकिन परिणाम स्वरूप भारत के करोड़ो लोगो को इसका परिणाम भुगतना पद रहा हैउनके शरीर और परिवार आज बीमारियो की चपेट मे आ गए है और भारत की कई बड़ी बीमारियो का कारण है ये जर्सी नाम का जानवर 1) इन गायों की पीठ सीधी व गलकम्बल विकसित नहीं होता है, जिससे गर्मी सहने की क्षमता कम होती है।3) इनके बछड़े सुस्त होते हैं। ये 2 किमी. की दूरी 19.4 मिनट में पूरी करते हैं व हार्सपावर भी कम होता… Read More

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!! भारती गोवंश या विदेश काव !! desi-indian-cow-vs-jersey-cow-animal

                              !! भारती गोवंश या विदेश काव !! गौमाता एवं विदेशी काऊ में अंतर पहचानना बहुत ही सरल है| सबसे पहला अंतर होता है गौमाता का कंधा (अर्थात गौमाता की पीठ पर ऊपर की और उठा हुआ कुबड़ जिसमें सूर्यकेतु नाड़ी होती है), विदेशी काऊ में यह नहीं होता है एवं उसकी पीठ सपाट होती है| दूसरा अंतर होता है गौमाता के गले के नीचे की त्वचा जो बहुत ही झूलती हुई होती है जबकि विदेशी काऊ के गले के नीचे की त्वचा झूलती हुई ना होकर सामान्य एवं कसीली होती है| तीसरा अंतर होता है गौमाता के… Read More

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अंतर देशी गाय यानी कि भारतीय गाय यानी कि गोमाता गोमाता और विदेशी गाय में

1. गोमाता का दूध दिमाग को तेज व् कुशाग्र करने वाला होता है। यह सर्वोतम, शक्तिशाली, विषाणु रोधक, सुपाच्य व् पोष्टिक होता है। इसे A-2 (milk) दूध कहते हैं। ………… गोमाता है जहाँ तंदरुस्ती है वहां  दूसरी तरफ विदेशी गाय का दूध मोटापा बड़ाता है, पीने वाले का दिमाग मोटा होता है। इससे ब्लड प्रेशर शुगर व् कैंसर जैसी बीमारीयों का खतरा बढ़ता है। इसे A-1 (milk) दूध कहते हैं। 2. गोमाता की चमड़ी विषाणुरहित होती है। शरीर पर हाथ फेरने वाले का स्वास्थ्य सुधरता है। ………… गोमाता है जहाँ तंदरुस्ती है वहां  दूसरी तरफ विदेशी गाय के शरीर पर पिस्सू, जुएँ, चीचड़ हमला करते हैं। स्पर्श करने पर चर्म… Read More

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