गाय बची तो ही हिन्दू और मुसलमान बचेगा

गाय बची तो ही हिन्दू और मुसलमान बचेगा भारत की संस्कृति, समृद्वि  और सभ्यता का आधार गंगा, गौ, गायत्री, गीता और गुरु ही रही है। भारत की संस्कृति प्रकृति मूलक संस्कृति है। दुनिया के प्राचीनतम ग्रन्थ वेदो में कण-कण के प्रति अहो भाव की अभिव्यक्ति है। हमने सूर्य-चन्द्र, ग्रह नक्षत्र, पशु-पक्षी, जीव-जन्तु, पेड़-पौधों को पूज्य माना है। प्रकृति का कण-कण हमें देता है। इसीलिए कण-कण में देवाताओं का निवास माना है। इस प्राकृतिक संरचना में गाय को हमने विशेष दर्जा दिया है। उसे कामधेनु तथा सर्व देव मयी गौ माता माना है। वह हमें दूध, दही, घी, गोबर-गोमूत्र के रूप में पंचगव्य प्रदान करती है। सृष्टि की संरचना पंचभूत से… Read More

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क्या ईस्लाम धर्म गौ वध करने ईजाजत देता है ?

क्या ईस्लाम धर्म गौ वध करने ईजाजत देता है ? 1.गाय का दुध और घी तुम्हारी तंदुरुसती के लिए बहुत जरुरी है। उसका गोश्त नुकशानदेह और बीमारी पैदा करता है। जबकि उसका दुध भी दवा है l -हजरत मुहम्मद ( नासिहातै हादौ ) 2.गाय का दुध बदन की खुबसुरती और तंदुरुस्ती बढाने का बङा जरिया है-हजरत मुहम्मद (बेगम हजरत आयशा से) 3.बिना शक तुम्हारे लिए चौपायो मे भी सीख है।गाय के पेट की चीजो में से गोबर और खुन के बीच में से साफ दुध,जो पीनेवालो के लिए स्वादवाला है,हम तुम्हे पिलाते है।(कुरान शरीफ 16-66) 4.मुगल बादशाह ने बताया है कि “मुस्लमान को गाय नही मारनी चाहिए।ऐसा करना हदीस के… Read More

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Gau Raksha: Muslim View

Gau Raksha: Muslim View  When we try to define mother, there are numerous dimensions to it. Mother is the one who gives birth, who looks after; feeds milk and loves you. Of the all, when the infant is born, the milk of the mother is no less than a potion. However, after few months our mother is unable to feed us milk, from where we become dependent on the cow. Considering its services, it is indeed our mother. And when we term her as our mother, we can seldom disrespect her, forget slaughtering her. Even in the Koran mother is considered next to Allah. With all good intentions of settling… Read More

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