भारत में कानूनी व्यवस्था-गौ वंशीय पशु पर अत्याचार का कानून

भारत में परंपरा से गाय व गौ धन को पशु होने पर भी अधिक सुख व लाभ देने वाली प्राणी होने से पवित्र मानकर पूजा की जाती रही है। भगवान कृष्ण ने इसकी रक्षार्थ गौ-वर्धन पर्वत उठा लिया था अनेक लोगों ने विभिन्न आराधना व तप त्याग किया है। कामधेनु को प्राप्त करने के लिए गुणी ऋषियों व मुनियों से ऋषि वशिष्ठ जी को अनेक कष्ट झेलने पड़े थे। गाय की महिमा अपरमपार है हिंदू समाज की श्रद्घा उसके प्रति अपरिमित है। व्यवसायिक व व्यवहारिक साधना, भावनात्मक लगाव बनकर धर्म बन जाती है एतद गौ पूजा, गौ सेवा सर्वत्र प्रारंभ होना स्वाभाविक ही था। आज के संदर्भ में हम यह… Read More

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