गौ – महिमा – (गौदुग्ध/cow milk)

़़़़़़़़़़़़़़गौदूग्ध ़़़़़़़़़़़ १. प्रवरं जीवनीयानां क्षीरमुक्त्तं रसायनम् ।। अर्थात -सुश्रुत ने भी गौदूग्ध को जीवनीय कहा है । गौदूग्ध जीवन के लिए उपयोगी ।ज्वरव्याधि- नाशक रसायन ,रोग और वृद्धावस्था को नष्ट करने वाला ,क्षतक्षीणरोगीयों के लिए लाभकारी,बुद्धिवर्धक ,बलवर्धक ,दुग्धवर्धक,तथा किचिंत दस्तावरहै ।और क्लम (थकावट) चक्कर आना मद, अलक्ष्मी को दूर करता है ।और दूग्ध आयु स्थिर रखता है,और उम्र को बढ़ाता है । २. गाय के दूध का सेवन करते रहने पर कोलेस्ट्राल की वृद्धि नहीं होती ,क्योंकि उसमें विद्धमान” ओरोटिक अम्ल उसे कम कर नियन्त्रित रखता है ।गाय के दूध में कार्बोहाइड्रेट का स्त्रोत लैक्टोज है ,जो विषेशत: नवजात शिशुओ को ऊर्जा। प्रदान करता है ,मानव एंव गाय के दूध में इसकी… Read More

Continue Reading

गौ – महिमा (गोबर,गोमय/cow dung)

१. अग्रंमग्रं चरंतीना, औषधिना रसवने ।  तासां ऋषभपत्नीना, पवित्रकायशोधनम् ।।  यन्मे रोगांश्चशोकांश्च , पांप में हर गोमय ।  अर्थात- वन में अनेक औषधि के रस का भक्षण करने वाली गाय ,उसका पवित्र और शरीर शोधन करने वाला गोबर ।तुम मेरे रोग औरमानसिक शोक और ताप का नाश करो ।  २. गोमय वसते लक्ष्मी – वेदों में कहा गया है कि गाय के गोबर लक्ष्मी का वास होता है ।गोमय गाय के गोबर रस को कहते है ।यह कसैला एंव कड़वा होता है तथा कफजन्य रोगों में प्रभावशाली है ।गोबर को अन्य नाम भी है गोविन्द,गोशकृत,गोपुरीषम्,गोविष्ठा,गोमल आदि।  ३. गोबर गणेश की प्रथम पुजा होती है और वह शुभ होता है ।मांगलिक… Read More

Continue Reading

गोसेवा के चमत्कार (सच्ची घटनाएँ)

जय गौ माता————- जीवनदान———–(लेखक – वैध पंचानन के० के० श्रीनिवासाचार्य) ———– गोसेवा के चमत्कार (सच्ची घटनाएँ स० १९९१ का आषाढ़ मास था | नोहर (बीकानेर) से लगभग ढेड मील डालूराम महर्षि का जोहंड (तालाब) है | पन्द्रह दिन पहले कुछ वर्षा हुई थी, जिसक कुछ कीचड अवशेष था | एक प्यासी गौ जल की इच्छा से जोहंड में घुसी, परन्तु कीचड़ में घुटनों तक डूब गयी | गौ वृद्धा तो थी ही, निकलने के प्रयास से बेहद थक ही गयी | खड़ा रहना दूभर हो गया | बैठकर कीचड में धसँ गयी |  सूर्य छिप चला था, जलशून्य जलाशय के पास भला कौन आता | कीच में धँसी गौ मृत्युक्षण… Read More

Continue Reading

गौ माता की अद्भुत महिमा

महामहिमामयी गौ हमारी माता है उनकी बड़ी ही महिमा है वह सभी प्रकार से पूज्य है गौमाता की रक्षा और सेवा से बढकर कोई दूसरा महान पुण्य नहीं है| १. गौमाता को कभी भूलकर भी भैस बकरी आदि पशुओ की भाति साधारण नहीं समझना चाहिये गौ के शरीर में “३३ करोड़ देवी देवताओ” का वास होता है. गौमाता श्री कृष्ण की परमराध्या है, वे भाव सागर से पार लगाने वाली है| २. गौ को अपने घर में रखकर तन-मन-धन से सेवा करनी चाहिये, ऐसा कहा गया है जो तन-मन-धन से गौ की सेवा करता है. तो गौ उसकी सारी मनोकामनाएँ पूरी करती है. | ३. प्रातः काल उठते ही श्री… Read More

Continue Reading

गौ माता की अद्भुत महिमा

महामहिमामयी गौ हमारी माता है उनकी बड़ी ही महिमा है वह सभी प्रकार से पूज्य है गौमाता की रक्षा और सेवा से बढकर कोई दूसरा महान पुण्य नहीं है . १. गौमाता को कभी भूलकर भी भैस बकरी आदि पशुओ की भाति साधारण नहीं समझना चाहि… ये गौ के शरीर में “३३ करोड़ देवी देवताओ” का वास होता है. गौमाता श्री कृष्ण की परमराध्या है, वे भाव सागर से पार लगाने वाली है. २. गौ को अपने घर में रखकर तन-मन-धन से सेवा करनी चाहिये, ऐसा कहा गया है जो तन-मन-धन से गौ की सेवा करता है. तो गौ उसकी सारी मनोकामनाएँ पूरी करती है. ३. प्रातः काल उठते ही… Read More

Continue Reading