(30)- गौ – चिकित्सा .(गर्भ समस्या)

Posted on Leave a commentPosted in Uncategorized

गौ – चिकित्सा .गर्भ समस्या । गर्भ सम्बंधी रोग व निदान=======================१ – गर्भपात रोग ============== कारण व लक्षण – यह एक प्रकार का छूत का रोग है । कभी-कभी कोई गर्भवती मादा पशु आपस में लड़ पड़ती है , उससे गर्भपात हो जाता है । गर्भिणी को अधिक गरम वस्तु खिला देने से और गर्मी में […]

29गौ- चिकित्सा – (आँखों के रोग)

Posted on Leave a commentPosted in Uncategorized

  (२9)- गौ- चिकित्सा – आँखों के रोग।  पशुओं में आँखों के रोग होना======================= १ – आँखों में जाला पड़ना ( दृष्टिमांद्य )############################ कारण व लक्षण – पशुओं की आँख के अन्दर जो नीले रंग की पुतली दिखाई देती हैं और जब वह सफ़ेद रंग की या मैटमेले रंग से ढक जाती हैं तब अन्य […]

28.गौ- चिकित्सा – मुखरोग ।

Posted on Leave a commentPosted in Uncategorized

(28) गौ- चिकित्सा – मुखरोग ।  १ – गलफर में काँटे हो जाना ( अबाल रोग )=====================================कारण व लक्षण :- पशु के गलफर में काटें हो जाते हैं इस रोग को अबाल रोग कहते हैं अनछरा रोग में जीभ पर काँटे होते हैं इस रोग में गालों में होते हैं तथा इस रोग में गलफर […]

27- गौ- चिकित्सा – (पेटरोग-अजीर्ण रोग)

Posted on Leave a commentPosted in Uncategorized

27 गौ- चिकित्सा – पेटरोग-अजीर्ण रोग। 1 – अजीर्ण – पेटरोग================== कारण व लक्षण – पित्त, जल , या कठोर भोजन करने से यह बिमारी उत्पन्न होती हैं , पेट में भंयकर दर्द भारीपन , गुडगुहाट , साँस लेने में कष्ट का अनुभव करता है तथा जूगाली नहीं कर पाता हैं , दाँत किटकिटाना इसका […]

26. गौ – चिकित्सा.(योनिभ्रंश)

Posted on Leave a commentPosted in Uncategorized

( 26 ) – गौ – चिकित्सा.योनिभ्रंश ।  ………गौ – चिकित्सा-योनिभ्रशं रोग.- बच्चेदानी का बाहर निकल आना ………============================================ १ – योनिभ्रशं रोग ( गाय के बैठने के बाद योनि से शरीर बाहर आना ) – यह बिमारी गाय- भैंसों में होती है ।बच्चेदानी का बाहर निकल आना , मुख्यत: यह रोग दो कारणों से ज़्यादा […]

23 गौ – चिकित्सा ,(दूध बढ़ाने के लिए)

Posted on Leave a commentPosted in Uncategorized

गौ – चिकित्सा ,दूध बढ़ाने के लिए रोग – दूधारू गाय व भैंस का दूध बढ़ाने के उपाय । औषधि – २०० से ३०० ग्राम सरसों का तेल , २५० ग्राम गेहूँ का आटा लेकर दोनों को आपस में मिलाकर सायं के समय पशु को चारा व पानी खाने के बाद खिलायें इसके बाद पानी नहीं […]

22 गौ – चिकित्सा .(कलीली)

Posted on Leave a commentPosted in Uncategorized

गौ – चिकित्सा .कलीली जूँएँ ,कलीली ( गिचोडी ) या जौबे पड़ना ================================= पशुओं के शरीर पर गन्दगी होने से , गोशाला में गन्दगी से शरीर कलीली , जूँएँ आदि पड़ जाती है और ये जन्तु पशु का ख़ून पीते है और उसके शरीर में पलते रहते है । सबसे पहले रोगी पशुओं को नहलाना चाहिए । खर्रा […]

21 गौ – चिकित्सा . (गठिया)

Posted on Leave a commentPosted in Uncategorized

गौ – चिकित्सा . गठिया गौ – चिकित्सा . गठिया । गठिया या जोड़ों का दर्द =========================== पशु के शरीर में यह एक प्रकार का रक्तविकार है । अशुद्ध घास, दाना और पानी पीने से यह रोग उत्पन्न हो जाता है । रोगी पशु उदास रहता है । उसके खाने – पीने तथा जूगाली करने में कुछ कमी […]

20 गौ – चिकित्सा .(इल रोग)

Posted on Leave a commentPosted in Uncategorized

गौ – चिकित्सा .इल रोग  ################# इल रोग ################## यह रोग अधिकतर शीत ऋतु में और कभी – कभी दूसरी ऋतु में भी होता है । जब पशु घास के साथ एक प्रकार के कीड़े को खा जाते है तो यह रोग उत्पन्न होता है । कभी – कभी भीतर बीमारी के कारण भी यह रोग […]

19 गौ – चिकित्सा .(छोटीबिमारी)

Posted on Leave a commentPosted in Uncategorized

गौ – चिकित्सा .छोटीबिमारी   गौ – चिकित्सा .छोटीबिमारी । अन्य छोटी – छोटी बिमारियाँ ======================= #################### पशु को चक्कर आना ######################### पशुओं को वर्षा – ऋतु के आरम्भ में नया , गन्दा पानी पी लेने के कारण चक्कर का रोग हो जाता है । पशु अचानक चक्कर खाकर गिर जाता है । चक्कर खाते समय रोगी पशु पीछे – पीछे […]