???भारतीय गायों के अस्तित्व का प्रश्न ???

अधिक दूध की मांग के आगे नतमस्तक होते हुए भारतीय पशु वैज्ञानिकों ने बजाय भारतीय गायों के संवर्द्धन के विदेशी गायों व नस्लों को आयात कर एक आसान रास्ता अपना लिया। इसके दीर्घकालिक प्रभाव बहुत ही हानिकारक हो सकते हैं। आज ब्राजील भारतीय नस्ल की गायों का सबसे बड़ा निर्यातक बन गया है। क्या यह हमारे लिए शर्म का विषय नहीं है…? भारत में गाय को माता कहा जाता है। विश्व के दूसरे देशों में गाय को पूजनीय नहीं माना जाता। भारतीय गोवंश मानव का पोषण करता रहा है, जिसका दूध, गोमूत्र और गोबर अतुलनीय है। सुख, समृद्धि की प्रतीक रही भारतीय गाय आज गोशालाओं में भी उपेक्षित है। अधिक… Read More

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भारत में गाय की दुर्दशा

गोवंश का इतिहास मनुष्य और सृष्टि के प्रारम्भ से शुरु होता है. पृथु मनु ने गोदोहन किया और पुथ्वी पर कृषि का प्रारंभ किया और यह धरा पृथ्वी कहलाई. मानव संरक्षण, कृषि और अन्न उत्पादन में गोवंश का अटूट सहयोग और साथ रहा है. इसही कारण ह्मर्रे शास्त्र वेद पुराण गोमहिमा से भरे है. रघुवंश के रजा दिलीप गोसेवा के पर्याय और राम जन्म सुरभि के दुग्ध द्वारा तैआर खीर से माना गया है यहां तक ​​कि गाय (गोबर) का मलमूत्र एक पर्यावरण रक्षक के रूप में माना जाता था और फर्श और घरों की दीवारों रसोई में इस्तेमाल किया गया था. गोमूत्र शुद्ध करने के लिए हर घर,मानव शरीर… Read More

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