विज्ञान की दृष्टी में गौवंश।

विज्ञान की दृष्टी में गौवंश। 1.जर्सी नस्ल की गाय का दूध पीने से 30 प्रतिशत कैन्सर बढने की संभावना हैं। —– नेशनल कैंसर इंस्टीट्यूट आॅफ अमेरिका 2.गाय अपने सींग के माध्यम से काॅस्मिक पाॅवर ग्रहण करती हैं। —— रूडल स्टेनर,जर्मन वैज्ञाानिक 3.गोबर की खाद की जगह रासायनिक खाद का उपयोग करने के कारण महिलाओं का दूध दिन प्रतिदिन विषैला होता जा रहा हैं। —– डाॅ. विजयलक्ष्मी सेन्टर फाॅर इण्डियन नोलिज सिस्टम 4.गौमूत्र के उपयोग से हदय रोग दूर होता है तथा पेशाब खुलकर होता है कुछ दिन तक गौमूत्र सेवन से धमनियों में रक्त का दबाव स्वाभाविक होने लगता हैं, गौमूत्र सेवन से भूख बढती है, यह पुराने चर्म रोग… Read More

Continue Reading

क्या कहता है विज्ञान

क्या कहता है विज्ञान 1.जर्सी नस्ल की गाय का दूध पीने से 30 प्रतिशत कैंेसर बढने की संभावना हैं- नेशनल कैंसर इंस्टीट्यूट आॅफ अमेरिका2.गाय अपने सींग के माध्यम से काॅस्मिक पाॅवर ग्रहण करती हैं- रूडल स्टेनर,जर्मन वैज्ञाानिक3.गोबर की खाद की जगह रासायनिक खाद का उपयोग करने के कारण महिलाओं का दूध दिन प्रतिदिन विषैला होता जा रहा हैं- डाॅ. विजयलक्ष्मी सेन्टर फाॅर इण्डियन नोलिज सिस्टम4.गौमूत्र के उपयोग से हदय रोग दूर होता है तथा पेशाब खुलकर होता है कुछ दिन तक गौमूत्र सेवन से धमनियों में रक्त का दबाव स्वाभाविक होने लगता हैं, गौमूत्र सेवन से भूख बढती है, यह पुराने चर्म रोग की उत्तम औषधि है- डाॅ. काफोड हैमिल्टन,… Read More

Continue Reading

***गौहत्या रोकने का उपाय नंबर ८ ***

***गौहत्या रोकने का उपाय नंबर ८ ***बैल संचालित जनरेटर,वाटर टरबाइन पंप,आटा चक्की,तेल निकालने का कोल्हू ,गियर वाला हाई स्पीड बैल गाड़ी जैसे अनेक विविध प्रयोगदोस्तों आज ज्यादातर किशान बैल रखने को तैयार नहीं है क्यों की खेतीबाड़ी में साल में १महिने से ज्यादा उपयोगिता नहीं होती और बैठे बैठे खिलाना पड़ता है.*पर इसकी शारीरिक ताकत को अन्य उपयोग जैसे की इलेक्ट्रिसिटी की पीक डिमांड के टाइम पुरे हिंदुस्तान के बेलो को जनरेटर और पॉवरग्रिड के साथ जोड़ दिया जय तो १ बैल दिन की २५-३० यूनिट इलेक्ट्रिसिटी पैदा करने की ताकत रखता है.हिदुस्तान में तो करोडो है.उनके गोबर को गैस बनाकर भी इलेक्ट्रिसिटी पैदा की जा सकती है.और गोबर की… Read More

Continue Reading

एड्स से बचाएगा गाय का दूध!

एड्स से बचाएगा गाय का दूध! गाय के दूध को बहुत पौष्टिक होता है. भारत में सदियों से इसके फायदों की बात की जाती रही है. यहां तो नवजात बच्चों को भी गाय का दूध पिलाया जाता है। अब पता चला है कि यह एचआईवी वायरस से भी निपट सकता है.गाय के दूध पर यह रिसर्च ऑस्ट्रेलिया में की गई है. रिसर्च के नतीजे आने के बाद कहा गया है कि गाय के दूध से एचआईवी वायरस पर असर करने वाली क्रीम या जेल बनाया जा सकता है. गाय के दूध में ऐंटीबॉडी यानी रोग प्रतिरक्षी होते हैं दरअसल गाय के दूध में ऐंटीबॉडी यानी रोग प्रतिरक्षी होते हैं. ये… Read More

Continue Reading

A2 milk produced by humped India cow is good for health , while A1 milk produced by the humpless western cow is toxic for health.

NUTRITIOUS A2 MILK OF VEDIC COWS WITH HUMP VERSUS TOXIC A1 MILK OF HUMPLESS WESTERN COWS  A1 MILK TOXIC CASEIN PROTEIN BETA CASOMORPHINE 7,   HARMFUL PEPTIDE  BCM7 OF A1 MILK,  SURYAKETU NADI OF VEDIC COW  ,  FRAGRANT SMELLING INDIAN HUMPED COW WITH SEBUM GLANDS,   AMINO ACID 67  CAT HISTIDINE  IN  A1 MILK  VERSUS  CCT PROLINE  IN A2 MILK,  CALCIUM MAGNESIUM RATIO  IN HARMFUL  A1  MILK,  AGNIHOTRA GHEE AND GOMUTRA FROM HUMPED COW –  CAPT AJIT VADAKAYIL First things first. A2 milk produced by humped India cow is good for health , while A1 milk produced by the humpless western cow is toxic for health. For long the white man ridiculed the… Read More

Continue Reading

गाय बची तो ही हिन्दू और मुसलमान बचेगा

गाय बची तो ही हिन्दू और मुसलमान बचेगा भारत की संस्कृति, समृद्वि  और सभ्यता का आधार गंगा, गौ, गायत्री, गीता और गुरु ही रही है। भारत की संस्कृति प्रकृति मूलक संस्कृति है। दुनिया के प्राचीनतम ग्रन्थ वेदो में कण-कण के प्रति अहो भाव की अभिव्यक्ति है। हमने सूर्य-चन्द्र, ग्रह नक्षत्र, पशु-पक्षी, जीव-जन्तु, पेड़-पौधों को पूज्य माना है। प्रकृति का कण-कण हमें देता है। इसीलिए कण-कण में देवाताओं का निवास माना है। इस प्राकृतिक संरचना में गाय को हमने विशेष दर्जा दिया है। उसे कामधेनु तथा सर्व देव मयी गौ माता माना है। वह हमें दूध, दही, घी, गोबर-गोमूत्र के रूप में पंचगव्य प्रदान करती है। सृष्टि की संरचना पंचभूत से… Read More

Continue Reading

गौ माता का वैज्ञानिक महत्व

गौ माता का वैज्ञानिक महत्व गाय धरती पर एकमात्र ऐसा प्राणी है जो आक्सीजन ग्रहण करता है. साथ ही आक्सीजन ही छोड़ता है. गाय के मूत्र में पोटाशियम, सोडियम, नाइट्रोजन, फॉस्फेट, यूरिया एवं यूरिक असिड होता है. दूध देते समय गाय में मूत्र में लाक्टोसे की वृद्धि होती है, जो हृदय रोगों के लिए लाभकारी है. गौ माता का दूध फेट रहित परन्तु शक्तिशाली होता है. उसे कितना भी पीने से मोटापा नहीं बढ़ता तथा स्त्रियों के प्रदर रोग में भी लाभदायक होता है. गौ माता के गोबर के उपले जलने से मक्खी मछर आदि कीटाणु नहीं होते तथा दुर्गन्ध का भी नाश होता है. गौ-मूत्र सुबह खाली पेट पीने… Read More

Continue Reading

‘एचआईवी से बचा सकता है सर्वदेवामयी गौ माता का दूध’

गाय का दूध अब एचआईवी को दूर भगाएगा। जी, हां यह सच है। ऑस्ट्रेलिया में हुए एक रिसर्च से इस बात का खुलासा हुआ है। इसमें दावा किया गया है कि गाय के दूध को आसानी से एक ऐसी क्रीम में बदला जा सकता है जो इंसान को एचआईवी से बचा सकता है। मेलबर्न यूनिवर्सिटी के चीफ साइंटिस्ट मेरिट क्रेमस्की ने रिसर्च के दौरान पाया कि जब प्रेगनेंट गाय को एचआईवी प्रोटीन का इंजेक्शन दिया गया, तो उसने हाई लेवल की रोग प्रतिरोधक क्षमता वाला दूध दिया जो नवजात बछड़े को बीमारी से बचाता है। गाय द्वारा बछड़े को जन्म दिए जाने के बाद पहली बार दिए गए दूध को… Read More

Continue Reading

Medicinal values of Cow urine

Urea : Product of protein metabolism. Strong antimicrobial agent.Uric Acid : Anti microbail activity helps to control cancer.Nitrogen : Diuretic, stimulates kidneySulphur : Purifies blood, increases intestinal peristalsisCopper : Controls fat depositionIron : Production of RBC in bloodSodium : Purifies blood, checks hyperacidityPotassium : Appetizer, eliminates muscles fatigueOther salts : Antibacterial, prevents comma and ketoacidsCarbolic Acid : Antibacterial, prevents gas gangrenesAmmonia : Integrity of body tissue and bloodSugar-Lactose : Heart, thirst, giddinessVitamin A,B.C,D, E : Prevent excessive thirst, infuse vigour, increase potencyCreatinine : AntibacterialSwarna Kshar : Antibacterial, improves immunity (aurum hydroxide) acts as antidoteEnzyme-urokinase : Dissolve blood clot, improves heart disease, blood circulationColony stimulating factor : Effective for cell division… Read More

Continue Reading