हम सब निर्णय करें

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-घर में गौमाता के दूध, घी, छाछ का ही उपयोग करेगें कोल्डिंक्स के स्थान पर छाछ पीयेंगें।
-चाय के स्थान पर गौमाता का दूध ही पियेगें क्योंकि चाय गौहत्या को बढावा देती है।
-अपनी नजदीकी गौशाला का घास और दलीये से सहयोग करेंगे।
-अपने पूजा स्थल और प्रतिष्ठान में दान पेटी रखकर हर रोज गौरक्षा हेतु 1 रूपया डालेंगे।
-प्लास्टिक की थेलियों का उपयोग नहीं करेगें, अगर प्लास्टिक दिखे तो जला या दफना कर नष्ट कर देंगे।

-सभी संत पुजारी अपने आश्रम मन्दिर में गौमाता अवश्य रखें।
-बिना गौमाता के घी, गोबर, गौमूत्र, गौदुग्ध के बिना कोई भी पूजा पाठ हवन नहीं करवाएगें।
-भगवान को भोग गौमाता के दूध में बनी मिठाई का ही लगाएगें।
-दीपक सिर्फ गौमाता के घी के ही जलायेंगे।
-बिना गौदान के विवाह सम्पन्न नहीं करवायेंगे।
-गौरक्षा विषय को कभी भी राजनीति व साम्प्रदायिक विषय नही बनाएंगे क्योकि यह राष्ट्रीय विषय है-
गौरक्षा-राष्ट्र रक्षा, गौहत्या-राष्ट्र हत्या है
-जन्मोत्सव गौशाला में जाकर ही मनाएगें।

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